छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: चैतन्य बघेल 15 सितंबर तक बौद्ध धर्म में शामिल हो गए

Posted on: 2025-09-07


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रायपुर: छत्तीसगढ़ शराब घोटाला केस और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कोर्ट में आज सुनवाई हुई। पूर्व मुख्यमंत्री वल्लभ भाई पटेल के बेटे चैतन्य बघेल की पेशी कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की गई। जिसके बाद फिर से उन्हें 15 सितंबर तक जेल भेज दिया गया। 15 सितंबर को चैतन्य बडख़ल के खिलाफ़ प्रमाणित निदेशालयों को पेश किया जा सकता है। इसकी पहली चैतन्य बड़हल को 23 अगस्त को अदालत में पेश किया गया था। जहां से उन्हें 14 दिन के लिए कश्मीर के राजघराने में भेजा गया था।

चैतन्य बच्चन को राहत नहीं: 21 जुलाई को प्रकाशन निदेशालय ने प्रेस नोट जारी करके बताया था कि चैतन्य बच्चन ने अपने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट में 16 करोड़ 70 लाख रुपये की अवैध कमाई की है। प्रवर्तन निदेशालय ने यह भी बताया कि उन्होंने इस पैसे का उपयोग विद्यार्थियों को फ़र्ज़ी बैंक उद्यमों और फ्लैट उद्यमों के लिए भुगतान करने के लिए किया था। आरोप है कि त्रिलोक सिंह ढिल्लो के साथ मिलकर विट्ठलपुरम ने प्रोजेक्ट में फर्जी फ्लैट खरीदने की योजना 5 करोड़ प्राप्त करने के आरोप भी लगाए हैं। ये फ्लैट त्रिलोक सिंह ढिल्लो के कर्मचारियों के नाम से खरीदे गए थे, लेकिन असली उपभोक्ता चैतन्य ही थे। जांच में यह भी पता चला कि चैतन्य ने इस घोटाले से जुड़े 1000 करोड़ रुपये से अधिक के अवैध दावे को अंजाम दिया और इसे ढेबर और अन्य माध्यमों से छत्तीसगढ़ के मान्यता प्राप्त तक सीमित कर दिया। यह परिवार की गरीबी को दर्शाता है। लोगों द्वारा जांच के लिए प्रयोग किया गया।



आरोप है कि 2500 करोड़ की अवैध आय निवेश की जांच में एसीबी ईओडब्ल्यू रायपुर के पोर्टफोलियो का खुलासा किया गया है। इस मामले का आधार 1988 के तहत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस और सामने आए निदेशालय की जांच में यह बात आई कि साल 2019 से साल 2020 के बीच शराबबंदी से राज्य सरकार को भारी वित्तीय नुकसान हुआ। लगभग 2500 करोड़ रुपए की अवैध आय जारी की गई।

18 जुलाई को चैतन्य बडग़ाल को गिरफ्तार किया गया था: चैतन्य बडवाल को एचडी ने शराब घोटाला मामले में 18 जुलाई को फर्जी तरीके से गिरफ्तार किया था। चैतन्य बच्चन के ऊपर एचडी ने शराब के नशे में कई संगीन आरोप लगाए हैं। 23 अगस्त को चैतन्य बड़हल की पूरी होने के बाद उनकी फिर से रायपुर कोर्ट में पेशी हुई। कोर्ट ने दोनों को 14 दिन की मोहमाया पर भेज दिया। जिसके बाद आज चैतन्य बड़हल की रायपुर कोर्ट में पेशी हुई।

क्या आरोप है ? एचडी ने यह भी आरोप लगाया है कि चैतन्य पटेल ने यह अवैध कमाई अपने रियल एस्टेट में निवेश की है।

कांग्रेस ने 22 जुलाई को छत्तीसगढ़ में भी की थी आर्थिक नाकेबंदी: कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में भी 22 जुलाई को की थी आर्थिक नाकेबंदी. रायपुर से लेकर सुपरमार्केट तक कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता सप्ताहांत पर उतरे। अर्थशास्त्री ने सरकार पर आरोप लगाया कि वो अर्थशास्त्रियों के फायदे के लिए निवेशकों का चरित्रहनन करने की कोशिश कर रही है।