सीमंधर स्वामी की मातारानी ने देखे 14 स्वप्न, श्रद्धालुओं ने सपनों की पूजा कर भाग्य सराहा
रायपुर । आचार्य जिनमणि प्रभ सूरीश्वर द्वारा प्रतिष्ठित सीमंधर स्वामी जैन मंदिर व जिनकुशल सूरि जैन दादाबाड़ी में जैन साध्वी स्नेहयशा श्रीजी की सुशिष्या सिद्धांतनिधि श्रीजी ने महाविदेह क्षेत्र में विचरण कर रहे तीर्थंकर सीमंधर स्वामी के जन्म का वांचन किया। सीमंधर स्वामी के पालना का लाभ मूलचंद संतोष सरला बैद रायपुर वालों ने लिया। सीमंधर स्वामी जन्मोत्सव पर थाली बजाकर राजेश करुणा सिंघी परिवार ने सकल श्रीसंघ को बधाई दी।
जिनालय के सभामंडप में सभी श्रद्धालुओं ने एकदूसरे को भगवान के जन्मकल्याणक की बधाई दी। तीर्थंकर परमात्मा जब मातारानी के गर्भ में आते हैं तब माता 14 श्रेष्ठ स्वप्न देखती हैं। जैन धर्म में 14 स्वप्नों का विशेष महत्व है। 14 स्वप्नों , कल्पवृक्ष व भगवान के पालना बधाने का लाभ लेने भक्त उत्साहित थे। तीर्थंकर की माता द्वारा वर्णित 14 महास्वप्नों को बधाने व पूजा का लाभ लेने वाले परिवार निम्नानुसार हैं, वृषभ - महेन्द्र कुमार तरुण कुमार मानस गौरव कल्प गर्वित प्रेरित कोचर, हस्ती - मूलचंद संतोष सरला बैद, सिंह व महालक्ष्मी - वर्धमान वर्तिका वैभव चोपड़ा , पुष्पमाला - दिनेश रोहित सुराणा , चन्द्रविमान - राजेश करुणा सिंघी , उदय होता सूर्य - प्रकाशचंद सुराना इन्द्रध्वजा व कुम्भकलश - वर्धमान वर्तिका वैभव चोपड़ा , पद्म सरोवर - पुष्पा देवी मनोज कविता कोठारी , क्षीरसागर श्रीमती निर्मला भंडारी , देव विमान - गुलाबचंद सोहनलाल टीकमचंद गोलछा परिवार नगरी रायपुर , रत्नों की राशि - तिलोकचंद शांतिलाल अशोक बरड़िया , निरधुम अग्नि - वर्धमान वर्तिका वैभव चोपड़ा , कल्प वृक्ष - सुनील अनमोल नेहा आयुष रायसोनी - कमलचंद आदित्य मानसी अभिषेक बैद ने महास्वप्नों का पूजन किया।