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15 अप्रैल । अमेरिकी प्रशासन इस महीने की 20 तारीख से टैरिफ रिफंड प्रणाली शुरू करने की योजना बना रहा है, जिसके तहत अमेरिकी आयातकों को लगभग 166 अरब अमेरिकी डॉलर वापस किए जाएंगे। इन टैरिफ को फरवरी में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया था।
अमेरिकी सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा विभाग ने कल अदालत में दायर एक याचिका में कहा कि उसने CAPE नामक एक प्रणाली विकसित की है, जो धनवापसीओं को एक-एक करके निपटाने के बजाय, ब्याज सहित, एक ही इलेक्ट्रॉनिक भुगतान में समेकित करेगी। एजेंसी ने शुक्रवार को एक अलग घोषणा में CAPE के लॉन्च की तारीख का खुलासा किया।
अब तक, 56,000 से अधिक आयातकों ने लगभग 127 अरब अमेरिकी डॉलर की कुल राशि की वापसी के लिए पंजीकरण कराया है। यह प्रणाली चरणबद्ध तरीके से शुरू की जाएगी, जिसमें सरल मामलों और हाल ही में आयातित वस्तुओं से शुरुआत की जाएगी। लगभग 2.9 अरब अमेरिकी डॉलर की कुछ वापसी राशियों को अभी भी मैन्युअल रूप से संसाधित करने की आवश्यकता हो सकती है, जिससे प्रक्रिया धीमी हो सकती है।
इस साल फरवरी में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि ट्रंप ने आपातकालीन स्थितियों के लिए बने कानून के तहत वैश्विक टैरिफ लगाकर अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर काम किया है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद, आयातकों ने अंतर्राष्ट्रीय व्यापार न्यायालय में रिफंड के लिए मुकदमा दायर किया, जो रिफंड प्रणाली के विकास की निगरानी कर रहा है। अदालत के दस्तावेजों के अनुसार, लगभग 53 मिलियन शिपमेंट पर 330,000 से अधिक आयातकों ने ये शुल्क चुकाए थे।
इसी बीच, ट्रंप ने अदालत के फैसले की आलोचना की और एक अलग कानून के तहत नए अस्थायी टैरिफ लागू किए, जिन्हें अदालत में चुनौती भी दी जा रही है।