भगवान कृष्ण के जन्म का पर्व जन्माष्टमी आज पूरे देश में श्रद्धापूर्वक मनाया जा रहा है। इस अवसर पर भक्त उपवास रखते हैं, धार्मिक अनुष्ठान करते हैं और मंदिरों में दर्शन के लिए जाते हैं। कृष्ण से संबंधित मिठाइयाँ और अन्य खाद्य पदार्थ तैयार करके भगवान कृष्ण को अर्पित किए जाते हैं। दिनभर और अक्सर देर रात तक भक्ति गीत और मंत्रोच्चार किए जाते हैं। मंदिरों और घरों को कृष्ण के जीवन के प्रसंगों, जैसे कि गोकुल और वृंदावन में उनके बचपन, को दर्शाने वाले चित्रों से सजाया गया है।
आकाशवाणी के उत्तर प्रदेश संवाददाता की रिपोर्ट है कि भगवान कृष्ण की नगरी मथुरा-वृंदावन आज रात भव्य उत्सव के लिए सजी हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज मथुरा में जन्माष्टमी समारोह में भाग लेंगे। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए शहर में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जन्माष्टमी के अवसर पर नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण का जीवन और शिक्षाएं भारत की सांस्कृतिक और दार्शनिक विरासत को नई ऊर्जा प्रदान करती हैं। उन्होंने आगे कहा कि श्रीमद् भगवद् गीता में निहित भगवान कृष्ण की शिक्षाएं कठिन समय में विवेकपूर्ण निर्णय लेने और नैतिक मूल्यों पर अडिग रहने के लिए मानवता को शाश्वत प्रेरणा का स्रोत बनी हुई हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि जन्माष्टमी सभी को सद्भाव और कर्तव्यनिष्ठा की भावना को बनाए रखने के लिए प्रेरित करती है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारत और विश्वभर में भगवान श्री कृष्ण के अनगिनत भक्तों में उनके प्रति असीम भक्ति और प्रेम है। श्री बिरला ने कहा कि भगवद् गीता का गहन ज्ञान जीवन में कर्तव्य, नैतिकता, न्याय, बुद्धि, साहस और संतुलन के लिए शाश्वत मार्गदर्शन प्रदान करता है।