चंद्रयान 4: चांद से 2-3 किलो मिट्टी-पत्‍थर लाएगा धरती पर

Posted on: 2024-10-04


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भारत अब चांद से मिट्टी के सैंपल लाने की तैयारी कर रहा है। इसरो ने बताया है कि 2029 में चंद्रयान-मिशन चांद पर जाएगा और वहां से मिट्टी के नमूने वापस लाएगा। इस मिशन पर लगभग 2,104.06 करोड़ रुपये की लागत आएगी 

चंद्रयान-3 मिशन की कामयाबी ने चंद्रयान-4 मिशन में तेजी ला दी है। भारतीय स्‍पेस एजेंसी इसरो (ISRO) इसे पूरा करने में जुटी है। चंद्रयान-4 मिशन को साल 2029 तक लॉन्‍च करने का लक्ष्‍य है। इसकी अनुमानित लागत 2,104.06 करोड़ रुपये है। रिपोर्ट्स के अनुसारचंद्रयान-4 मिशन इसलिए खास होने वाला है क्‍योंकि यह चांद से 2 से 3 किलो सैंपल लेकर लौटेगा। ऐसा पहली बार होगा जब कोई भारतीय स्‍पेस किसी खगोलीय पिंड से सैंपल जुटाएगा। 

इकॉनमिक टाइम्‍स की रिपोर्ट के अनुसारचंद्रयान-4 मिशन में 5 मॉड्यूल शामिल होंगे। ये हैं- एसेंडर मॉड्यूल (AM), डिसेंडर मॉड्यूल (DM), री-एंट्री मॉड्यूल (RM), ट्रांसफर मॉड्यूल (TM)

और प्रोपल्शन मॉड्यूल (PM) 

रिपोर्ट के अनुसारइन मॉडलों को दो LVM3 रॉकेट की मदद से अलग-अलग लॉन्‍च किया जाएगा। एक बयान में इसरो ने बताया है कि चंद्रमा पर लैंडिंग के बाद डिसेंडर मॉड्यूल में लगा रोबोटिक आर्म सैंपल जुटाने का काम शुरू कर देगा। वह 2 से 3 किलो सैंपल इकट्ठा करेगा। सैंपल को एक कंटेनर में ट्रांसफर किया जाएगा। कंटेनर को सील कर दिया जाएगाताकि पृथ्‍वी पर वापस लाने के दौरान वह किसी चीज के संपर्क में ना आए। 

मिशन की खास बात यह भी है कि जो भी टेक्‍नॉलजी इसमें इस्‍तेमाल की जाएगीवो मेड इन

इंडिया होगी। 
 

दो हिस्‍सों में लॉन्‍च होगा मिशन

इसरो पहले भी बता चुकी है कि चंद्रयान-4 की वजन क्षमता इसरो के पास मौजूद सबसे पावरफुल रॉकेट से ज्‍यादा हो सकती है। इस वजह से मिशन को दो हिस्‍सों में लॉन्‍च करने की तैयारी है। ऐसा होता है तो यह दुनिया का पहला मिशन होगाजिसे दो भागों में उड़ाया जाएगा और स्‍पेसक्राफ्ट को अंतरिक्ष में जोड़ा जाएगा।   

अगर यह मिशन सफल होता है तो इसरो दुनिया में इतिहास रच देगा। अभी तक दुनिया के तीन देश- अमेरिकारूस और चीन चंद्रमा से सैंपल लेकर वापस आ पाए हैं। भारत भी ऐसा कर लेता हैतो उसकी उपलब्‍धि एकदम अलग होगी।