काठमांडू, 21 अप्रैल । विश्व ट्रेड यूनियन महासंघ के अंतर्गत सार्वजनिक सेवा एवं सहायक क्षेत्रीय संगठन ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह से देश में ट्रेड यूनियनों को समाप्त न करने का आग्रह किया है। संगठन ने प्रधानमंत्री बालेन्द्र को पत्र लिखकर नेपाल में ट्रेड यूनियनों को खत्म न करने की अपील की है।
महासंघ के महासचिव जोला सापेथा ने पत्र में कहा है कि यदि ट्रेड यूनियनों को समाप्त किया गया, तो यह अंतरराष्ट्रीय कानून और नेपाल के संविधान की भावना के विपरीत होगा तथा कामगारों के संगठन बनाने, संगठित होने और सामूहिक सौदेबाजी के अधिकारों पर सीधा आघात पहुंचेगा। महासंघ के अनुसार ऐसा निर्णय सार्वजनिक प्रशासन की प्रभावशीलता को कमजोर करेगा और सेवा वितरण पर प्रत्यक्ष असर डालेगा। साथ ही इससे कामगारों की आवाज दबेगी और सस्ते श्रम तथा कम वेतन को बढ़ावा मिलने का खतरा भी रहेगा।
पत्र में यह भी याद दिलाया गया है कि नेपाल पहले ही अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) के कन्वेंशन नंबर 87 (संगठन की स्वतंत्रता और अधिकार संरक्षण) और 98 (संगठन बनाने और सामूहिक सौदेबाजी का अधिकार) को अनुमोदित कर चुका है। महासंघ ने नेपाल सरकार से कामगारों के संवैधानिक अधिकारों का पूर्ण सम्मान करने, ट्रेड यूनियनों के साथ संवाद के माध्यम से समाधान खोजने और अंतरराष्ट्रीय श्रम मानकों का पालन करने का सुझाव दिया है।
साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि ऐसा नहीं किया गया, तो नेपाल की अंतरराष्ट्रीय छवि कमजोर होगी और देश के भीतर श्रम संबंधों तथा सामाजिक स्थिरता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह को लिखे गए इस पत्र में नेपाल के सार्वजनिक सेवा क्षेत्र के कामगारों के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए सरकार से जिम्मेदारीपूर्वक कदम उठाने का आग्रह किया गया है।