आप मूंगफली जरूर खाते होंगे। भूनी हुई मूंगफली बहुत ही स्वादिष्ट होती है। मूंगफली खाने से शरीर को शक्ति मिलती है। मूंगफली में रहने वाले पोष मिलते हैं। क्या आपको पता है कि दस्त, ह्रदय विकार, डायिबटी और दस्त में मूंगफली के सेवन से लाभ होता है।
आयुर्वेद के अनुसार, मूंगफली दस्त पर रोक लगाती है। मूंगफली के बीज शरीर को स्वस्थ रखते हैं। त्वचा विकार, किडनी और सर्दी-खांसी जैसी बीमारियों में मूंगफली खाने के फायदे
मिलते हैं। यह एक ऐसी औषधि है जो आसानी से बाजार में मिल जाती है, इसलिए आइए जानते हैं कि आप किस-किस रोग में मूंगफली से लाभ ले सकते हैं।
मूंगफली की देश भर में कई प्रजातियां होती हैं। इसको देशी बादाम या चीनियां बादाम भी कहा जाता है। इसके पत्ते मेथी के पत्तों के जैसे होते हैं, लेकिन दोनों में कुछ अंतर होता है। मूंगफली के पत्ते मेथी के पत्ते से कुछ बड़े तथा चमकीले हरे रंग के होते हैं। इसके फूल सुनहरे-पीले रंग के होते हैं। इसके पौधों में से फूल बारीक-बारीक तन्तु के रूप में निकलकर जमीन के अन्दर घुसते हैं, और जमीन में ही तन्तुओं से मूंगफली तैयार होती है। जिसको पकने के बाद खोदकर निकाला जाता है।
मूँगफली के तेल में पाए जाने वाले अनसेचुरेटेड वसीय अम्ल शरीर की लिपिड मात्रा और बॉडी माँस इन्डेक्स (लम्बाई एवं वजन का अनुपात) को ठीक रखने में गुणकारी पाए गए हैं। यहां मूंगफली के फायदे और नुकसान से जुड़ी सभी जानकारियां बहुत ही आसान भाषा में लिखी गई है ताकि आप मूंगफली से पूरा-पूरा लाभ ले पाएं।
मूंगफलीका वानस्पतिक नाम (ऐराकिस हाइपोजिया) है और यह (फैबेसी) कुल से हैं। मूंगफली को देश-विदेश में इन नामों से भी जाना जाता हैः-
Groundnuts in –
मूंगफली खाने के फायदे, औषधीय गुण, प्रयोग की मात्रा एवं विधियां ये हैंः-
मूंगफली को छीलकर उसकी भस्म बना लें। 1 ग्राम भस्म को शहद या गुनगुने जल के साथ सेवन करने से खांसी और सर्दी में लाभ ) होता है।
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मूंगफली तेल का इस्तेमाल करने से ह्रदय विकारों में लाभ होता है। मूंगफली के तेल के इस्तेमाल की जानकारी के बारे में किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से सलाह लें।
डायबिटीज़ (मधुमेह) के रोगियों को गेहूं के आटे और मूँगफली के आटे से बनी रोटी खाना चाहिए। इससे लाभ होता है
मूंगफली के तेल के इस्तेमाल से किडनी विकार तथा सूजन की समस्या में फायदा होता है। बेहतर परिणाम के लिए किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से जरूर सलाह लें।
जोड़ों के दर्द से आराम पाने के लिए मूंगफली के तेल की मालिश करें। इससे जोड़ों का दर्द कम होता है
तेल- 1-2 बूँद
यहां मूंगफली के फायदे और नुकसान (Peanuts in hindi) से जुड़ी सभी जानकारियां बहुत ही आसान भाषा में लिखी गई है ताकि आप मूंगफली से पूरा-पूरा लाभ ले पाएं, लेकिन किसी बीमारी के लिए मूंगफली का सेवन या उपयोग करने से पहले आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह जरूर लें।
भूनी हुई मूंगफली के सेवन के तुरन्त बाद पानी नहीं पीना चाहिए। इससे परेशानी हो सकती है।