बायोकॉन का Q4 मुनाफा 56.8% घटा, रेवेन्यू में मामूली बढ़त

Posted on: 2026-05-08


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बिजनेस: बायोकॉन लिमिटेड ने 31 मार्च को समाप्त हुई चौथी तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी के कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। कंपनी का शुद्ध लाभ 56.8 प्रतिशत घटकर 198.6 करोड़ रुपये रह गया है। कंपनी ने गुरुवार को रेगुलेटरी फाइलिंग में जानकारी दी कि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में उसका कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 459.4 करोड़ रुपये था। इस बार लाभ में आई गिरावट का प्रमुख कारण 80.4 करोड़ रुपये के एक्सेप्शनल आइटम्स को बताया गया है, जिसमें नए लेबर कोड के प्रभाव सहित कई एकमुश्त खर्च शामिल हैं।

हालांकि कंपनी के ऑपरेशनल रेवेन्यू में मामूली बढ़त दर्ज की गई है। चौथी तिमाही में बायोकॉन का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 4,516.6 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 4,417 करोड़ रुपये था। इससे कंपनी के कारोबार में हल्की वृद्धि का संकेत मिलता है। दूसरी ओर, कंपनी के कुल खर्च में भी बढ़ोतरी देखी गई है। चौथी तिमाही में कुल खर्च 4,241.2 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 3,987.5 करोड़ रुपये था। खर्च में यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से ऑपरेशनल लागत और अन्य वित्तीय दबावों के कारण बताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि एक्सेप्शनल आइटम्स और बढ़ती लागत ने कंपनी के लाभ पर सीधा असर डाला है, हालांकि रेवेन्यू में स्थिरता यह दिखाती है कि कारोबार की बुनियाद मजबूत बनी हुई है।

बायोकॉन ने अपने बयान में कहा है कि कंपनी लागत नियंत्रण और दक्षता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है, ताकि आने वाले तिमाहियों में लाभप्रदता में सुधार किया जा सके। फार्मा सेक्टर से जुड़े जानकारों का कहना है कि वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव और नियामक बदलावों का असर कंपनियों के मार्जिन पर दिख रहा है, और आने वाले समय में स्थिति स्थिर होने की उम्मीद है। कुल मिलाकर, बायोकॉन के इस तिमाही नतीजे मिश्रित संकेत देते हैं—जहां मुनाफे में तेज गिरावट है, वहीं रेवेन्यू में हल्की बढ़त कंपनी के स्थिर कारोबार की ओर इशारा करती है।