आपने कभी
सोचा है कि केला हमेशा टेढ़ा ही क्यों होता है. आखिर दूसरे फलों की तरह यह सीधा
क्यों नहीं बढ़ता? इसके पीछे
छिपा साइंस प्रकृति के सबसे दिलचस्प रहस्यों में से एक माना जाता है.
केला तो
हम सब खाते हैं, लेकिन
क्या आपने कभी सोचा है कि ये हमेशा टेढ़ा ही क्यों होता है? बाकी फल जहां गोल या सीधे होते हैं, वहीं केला हमेशा मुड़ा हुआ नजर आता है.
इसके पीछे कोई संयोग नहीं, बल्कि एक
खास साइंस काम करता है. आइए जानते हैं इस दिलचस्प मिस्ट्री का जवाब. केला दुनिया के सबसे ज्यादा खाए जाने
वाले फलों में शामिल है. लेकिन इसे खाते वक्त शायद ही किसी ने इस बात पर गौर किया
हो कि इसका आकार हमेशा कर्व्ड यानी मुड़ा हुआ क्यों होता है.
सेब, संतरा, तरबूज, खरबूज जैसे फल आमतौर पर गोल या कुछ
लंबाई के साथ अंडाकर होते हैं, लेकिन केला का आकार अक्सर एक कर्व की तरह नजर आता है. दिलचस्प बात यह है कि
इसके पीछे कोई कोइंसिडेन्स नहीं, बल्कि प्रकृति का बेहद खास साइंस काम करता है. आइए जानते हैं क्या ये इसकी
पीछे का साइंटिफिक रीजन जो हर केले को टेढ़ा बना देता है.
क्या आप
जानते हैं?
शुरुआत
में केले सीधे होते हैं, लेकिन
सूरज की रोशनी की तरफ बढ़ते-बढ़ते उनका आकार टेढ़ा हो जाता है.
केला आखिर
बढ़ता कैसे है? (How Do Bananas Grow?)
केले पेड़
की ऊंचाई से नीचे की तरफ लटककर बढ़ते हैं. एक बड़े गुच्छे में कई केले साथ लगे
होते हैं और पूरा गुच्छा नीचे की ओर झुका रहता है. शुरुआत में छोटे केले काफी हद
तक सीधे होते हैं, लेकिन
जैसे-जैसे वे बड़े होने लगते हैं, उनका आकार बदलना शुरू हो जाता है. असल में केला सूरज की रोशनी की तरफ बढ़ने
की कोशिश करता है.