नई दिल्ली, 28 मई। कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर लगातार चुनावी हारों वाले बयान पर पलटवार किया है। रमेश ने कहा कि ऐसे बयान ही उनकी पहचान है, जबकि उन्होंने लाखों विद्यार्थियों के लिए अराजकता पैदा की और बतौर मंत्री पूरी तरह अक्षम साबित हुए हैं।
रमेश ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आरोप लगाया कि प्रधान ने न केवल संसदीय स्थायी समिति की गरिमा को ठेस पहुंचाई, बल्कि अब विपक्ष के नेता पर भी हमला कर रहे हैं। शिक्षा मंत्रालय कुप्रबंधन का अड्डा बन गया है। उन्होंने कहा कि एनईईटी और सीबीएसई विवादों की जिम्मेदारी सरकार पर है, जिन्होंने 2024 में एनटीए की विफलता के बाद भी प्रधान को बचाए रखा।
इससे पहले धर्मेंद्र प्रधान ने सीबीएसई अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक के बाद पत्रकारों से कहा था कि राहुल गांधी चुनावी हार की कुंठा के कारण देश की वैज्ञानिक प्रगति का विरोध कर रहे हैं। प्रधान ने विद्यार्थियों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि इस प्रणाली में हुई किसी भी असुविधा की जिम्मेदारी वे स्वयं लेते हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि कोई अनियमितता पाई जाती है तो किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।