संस्कार शिविर में बच्चे सीख रहे जीवन जीने की कला

Posted on: 2026-06-07


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रायपुर। मालवीय रोड स्थित आदिनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर (लघु तीर्थ) में 1 से 10 जून तक आयोजित 10 दिवसीय विशेष 'ग्रीष्मकालीन श्रमण संस्कृति संस्कार शिक्षण शिविर' सफलता के नए सोपान तय कर रहा है। दिगंबर जैन मंदिर पंचायत ट्रस्ट (कार्यसमिति) एवं आदिनाथ विद्या धार्मिक पाठशाला के तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में बच्चे भाग ले रहे हैं और अपने जीवन को सुसंस्कारी बनाने का अटूट संकल्प ले रहे हैं।


शिविर के शैक्षणिक सत्र में सांगानेर (जयपुर) से आए प्रतिष्ठित विद्वान द्वारा बच्चों को बहुत ही सरल, सुबोध और संक्षिप्त परिभाषाओं के माध्यम से 'बाल बोध भाग-1' और 'भाग-2' का गहन अध्ययन कराया जा रहा है। शास्त्री जी अपनी अनूठी शिक्षण शैली से कठिन और क्लिष्ट धार्मिक सिद्धांतों को भी खेल-खेल में और अत्यंत आसान शब्दों में बच्चों के मानस पटल पर उतार रहे हैं, जिससे बच्चों में धर्म के प्रति रुचि लगातार बढ़ रही है।

शिविर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ बच्चों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक जीवन जीने की कला (आर्ट ऑफ लिविंग) सिखाई जा रही है। पंडित शरद जैन शास्त्री द्वारा बच्चों को रोज़मर्रा के जीवन में उपयोगी निम्नलिखित महत्वपूर्ण बातें सिखाई और संकल्पित कराई जा रही हैं।

भारतीय संस्कृति के मूल सिद्धांतों के अनुसार माता-पिता, गुरुजनों और घर आए मेहमानों (अतिथियों) का आदर-सत्कार करने के संस्कार दिए जा रहे हैं। बच्चे अपने माता-पिता की हर बात को सहर्ष स्वीकारें, उनका कहना मानें और परिवार में अनुशासन से रहें।