रायपुर । छत्तीसगढ़ में मानसून की औपचारिक दस्तक से पहले मौसम लगातार करवट बदल रहा है। प्रदेश के कई जिलों में पिछले कुछ दिनों से आंधी, बारिश और गरज-चमक के साथ वज्रपात की गतिविधियां देखने को मिल रही हैं।
मौसम में आए इस बदलाव से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है, लेकिन मानसून के समय पर नहीं पहुंचने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खरीफ फसलों की बुवाई को लेकर अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार, बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के सभी संभागों के कुछ स्थानों पर मध्यम से तीव्र मेघगर्जन के साथ वर्षा और वज्रपात दर्ज किया गया। विभाग ने आगामी दो दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में तेज गरज-चमक और वज्रपात की गतिविधियां जारी रहने की संभावना जताई है।
रायपुर सबसे गर्म, अंबिकापुर सबसे ठंडा
शुक्रवार को प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 37.0 डिग्री सेल्सियस रायपुर में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.7 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया।
कई जिलों में अच्छी बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार करपावंड और सामरी में 5 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई। बास्तानार में 4 सेंटीमीटर बारिश हुई, जबकि बकावंड, अंबिकापुर और भनपुरी में 3 सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।
इसके अलावा नगरी, छुईखदान, मर्दापाल, लोहांडीगुड़ा, कुकरेल, दुर्ग, लाभांडीह, रायपुर शहर, पलारी और कोंडागांव में 2 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। अन्य कई क्षेत्रों में भी हल्की से मध्यम वर्षा हुई।
किसानों की बढ़ी चिंता
मौसम में बदलाव और छिटपुट बारिश के बावजूद मानसून की आधिकारिक एंट्री में हो रही देरी किसानों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। कृषि कार्यों की शुरुआत और खरीफ फसलों की बुवाई मानसून पर निर्भर होने के कारण किसान अब जल्द मानसून पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं।
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने तथा वज्रपात के समय खुले स्थानों में जाने से बचने की अपील की है।