भारत का GCC इकोसिस्टम बनेगा नवाचार आधारित विकास का अगला इंजन: नीति आयोग

Posted on: 2026-07-01


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नीति आयोग के अटल नवाचार मिशन (AIM) के मिशन निदेशक दीपक बागला ने मंगलवार को कहा कि भारत का ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) इकोसिस्टम देश में नवाचार आधारित विकास की अगली लहर का नेतृत्व करने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि GCC यदि स्टार्टअप, इनक्यूबेटर और युवा नवाचारकर्ताओं के साथ मिलकर काम करें, तो भारत वैश्विक स्तर पर नवाचार और उद्यमिता का बड़ा केंद्र बन सकता है।

बेंगलुरु में अटल नवाचार मिशन (AIM), नीति आयोग और सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित GCC कॉन्क्लेव ऑन इनोवेशन 2026 को संबोधित करते हुए बागला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘जय अनुसंधान’ के विजन को साकार करने में GCC महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

‘जय अनुसंधान’ बने विकसित भारत की ताकत

दीपक बागला ने कहा कि पिछले एक दशक में अटल नवाचार मिशन ने देशभर में नवाचार की मजबूत नींव तैयार की है। आज 10,000 से अधिक अटल टिंकरिंग लैब्स, 100 से अधिक इनक्यूबेटरों और अनेक स्टार्टअप्स व जमीनी स्तर के नवाचारकर्ताओं के माध्यम से भारत में नवाचार की नई संस्कृति विकसित हुई है।

उन्होंने कहा कि आज GCC ने भारत को प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और उत्पाद नवाचार का वैश्विक केंद्र बना दिया है। यदि GCC, स्टार्टअप और इनोवेशन इकोसिस्टम मिलकर काम करें तो प्रतिभाओं को बढ़ावा मिलेगा, उद्यमिता को गति मिलेगी और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी कंपनियां विकसित होंगी, जो ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने में योगदान देंगी।

2,100 से अधिक GCC, 100 अरब डॉलर का कारोबार

एसटीपीआई के महानिदेशक अरविंद कुमार ने कहा कि भारत में इस समय 2,100 से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर कार्यरत हैं, जो मिलकर लगभग 100 अरब अमेरिकी डॉलर का कारोबार कर रहे हैं। यह भारत की बढ़ती तकनीकी क्षमता और वैश्विक विश्वास का प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 1991 से एसटीपीआई ने देश में तकनीकी अवसंरचना और आईटी नीति के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अब AIM के साथ साझेदारी के जरिए GCC को देशभर के स्टार्टअप और नवाचारकर्ताओं से जोड़ा जाएगा।

बेंगलुरु बना GCC का सबसे बड़ा केंद्र

एसटीपीआई बेंगलुरु के निदेशक डॉ. संजय त्यागी ने कहा कि बेंगलुरु भारत का प्रमुख ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर हब बन चुका है। उन्होंने कहा कि यदि स्टार्टअप, इनक्यूबेटर और GCC के बीच सहयोग और मजबूत होता है तो तकनीक के व्यावसायीकरण और उद्यमिता को नई गति मिलेगी।

बड़ी वैश्विक कंपनियों ने लिया हिस्सा

इस कॉन्क्लेव में इंटेल, आईबीएम, बॉश, अमेजन, एसएपी, थर्मो फिशर साइंटिफिक, सीजीआई, शेल, मर्सिडीज-बेंज, फिलिप्स, मॉर्गन स्टेनली, एनवीडिया, सैमसंग, सैनडिस्क, विप्रो और याहू जैसी प्रमुख वैश्विक कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

इसके अलावा अटल टिंकरिंग लैब्स (ATL), अटल इनक्यूबेशन सेंटर (AIC), अटल कम्युनिटी इनोवेशन सेंटर (ACIC), STPI सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप और कर्नाटक डिजिटल इकोनॉमी मिशन (KDEM) सहित नवाचार इकोसिस्टम से जुड़े कई संस्थानों के प्रतिनिधि भी सम्मेलन में शामिल हुए।