Posted on:
बारिश का मौसम आते ही खानपान को लेकर कई तरह की सलाहें सुनने को मिलती हैं। इन्हीं में से एक सलाह है कि मानसून में पत्तेदार हरी सब्जियां खाने से बचना चाहिए। घर के बड़े-बुजुर्ग, खासकर दादी-नानी, अक्सर इस मौसम में पालक, मेथी, सरसों और अन्य हरी सब्जियां कम खाने की सलाह देते हैं।
लेकिन क्या यह सिर्फ एक पुरानी मान्यता है या इसके पीछे कोई वैज्ञानिक कारण भी है? इस लेख में हम आपको बताएंगे कि क्या वास्तव में बारिश के मौसम में पत्तेदार हरी सब्जियां खाने से बचना चाहिए, इसके पीछे क्या कारण हैं और अगर इन्हें खाना हो तो किन सावधानियों का पालन करना जरूरी है।
1. बैक्टीरिया और कीड़े लगने का खतरा बढ़ जाता है
बारिश के मौसम में नमी अधिक होने के कारण पत्तेदार सब्जियों में बैक्टीरिया, फंगस और छोटे-छोटे कीड़े आसानी से पनप सकते हैं। अगर इन्हें अच्छी तरह साफ किए बिना खाया जाए, तो पेट का संक्रमण हो सकता है।
2. मिट्टी और गंदगी अधिक चिपकी रहती है
पालक, मेथी, बथुआ और अन्य पत्तेदार सब्जियों की पत्तियों में मिट्टी, कीटनाशकों के अवशेष और गंदगी फंसी रह सकती है। मानसून में इन्हें साफ करना थोड़ा मुश्किल होता है।
3. पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैंदूषित या ठीक से साफ न की गई पत्तेदार सब्जियां खाने से दस्त, गैस, पेट दर्द और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
4. इम्यूनिटी कमजोर होने पर बढ़ जाता है जोखिम
बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को मानसून में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि उन्हें संक्रमण जल्दी हो सकता है।
5. अगर खानी हो तो अच्छी तरह धोकर और पकाकर खाएं
पत्तेदार सब्जियों को कई बार साफ पानी से धोएं। जरूरत हो तो नमक या बेकिंग सोडा मिले पानी में कुछ देर भिगोकर रखें और हमेशा अच्छी तरह पकाकर ही खाएं। कच्ची पत्तेदार सब्जियों से इस मौसम में बचना बेहतर माना जाता है।
मानसून में किन बातों का रखें ध्यान?
- ताजी और साफ सब्जियां ही खरीदें।
- कटी या मुरझाई हुई पत्तेदार सब्जियां न लें।
- सब्जियों को अच्छी तरह धोकर ही पकाएं।
- लंबे समय तक स्टोर की गई हरी सब्जियां खाने से बचें।
- बाहर मिलने वाले कच्चे सलाद का सेवन कम करें।
- मानसून में पत्तेदार हरी सब्जियां पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं है, लेकिन इन्हें साफ करने और पकाने में अतिरिक्त सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। सही तरीके से धोकर और अच्छी तरह पकाकर खाने से इनके पोषक तत्वों का लाभ भी मिलता है और संक्रमण का खतरा भी कम होता है।