स्पेन से हार के बाद टूटे एमबाप्पे ने कहा, हमने विश्वकप सेमीफाइनल जैसा खेल नहीं खेला

Posted on: 2026-07-15


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फीफा विश्वकप 2026 के सेमीफाइनल में स्पेन से 0-2 की हार के बाद फ्रांस के कप्तान किलियन एमबाप्पे ने कहा कि उनकी टीम ने वैसा प्रदर्शन ही नहीं किया, जैसा विश्वकप के सेमीफाइनल में होना चाहिए था। उन्होंने माना कि फ्रांस रणनीतिक, तकनीकी और समग्र प्रदर्शन के स्तर पर स्पेन से काफी पीछे रहा।

पूरे टूर्नामेंट में आठ गोल कर शानदार फॉर्म में रहे एमबाप्पे अपनी टीम को लगातार तीसरे विश्वकप फाइनल में नहीं पहुंचा सके। स्पेन ने एटीएंडटी स्टेडियम में फ्रांस को हराकर उसका खिताब जीतने का सपना तोड़ दिया।

मैच के बाद एमबाप्पे ने फ्रैंच ब्रॉडकास्टर एम6 से कहा, "मुझे नहीं लगता कि हमने वैसा मैच खेला, जैसा हम खेलना चाहते थे। चाहे रणनीति की बात हो, तकनीकी स्तर की या हमारे पूरे प्रदर्शन की, हम हर मोर्चे पर पीछे रहे।"

उन्होंने कहा, "जब आप विश्वकप के सेमीफाइनल में वह नहीं करते, जो करना चाहिए तो आप जीत नहीं सकते।"

एमबाप्पे ने बताया कि फ्रांस की योजना स्पेन पर आगे से दबाव बनाकर उसे अपने खेल की लय में आने से रोकने की थी। उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य था कि हम स्पेन पर आगे से दबाव बनाएं ताकि वह अपने धीमे और नियंत्रित खेल में न आ सके। क्योंकि खेल को नियंत्रित करने में वे हमसे बेहतर हैं लेकिन हम इसमें पूरी तरह असफल रहे।"

एमबाप्पे ने हार का सबसे बड़ा कारण मिडफील्ड की कमजोरी को बताया। उन्होंने कहा, "हम बार-बार मिडफील्ड में 3 बनाम 2 की स्थिति में फंसते रहे। स्पेन जैसी टीम के खिलाफ यह बहुत बड़ी समस्या है। जब ऐसी कई गलतियां एक साथ होती हैं तो नतीजा हार ही होता है। यह हमारे लिए बहुत बड़ी निराशा है।"

फ्रांस के कप्तान ने कहा कि टीम का सपना फाइनल में पहुंच कर देश को फिर से विश्व चैंपियन बनाने का था। उन्होंने कहा, "हमारा सपना था कि हम फाइनल में पहुंचें, अपने देश को फिर से सपने देखने का मौका दें और इतिहास रचें लेकिन अब हमें इस हार का सामना सिर ऊंचा रखकर करना होगा।"

उन्होंने आगे कहा, "मेरा मानना है कि जब आप जीतते हैं तो सिर ऊंचा रखकर जीतते हैं और जब हारते हैं तो सिर ऊंचा रखकर हार स्वीकार करनी चाहिए।"

एमबाप्पे ने स्वीकार किया कि पूरी टीम इस हार से बेहद निराश है। उन्होंने कहा, "इस समय मैं शब्दों में नहीं बता सकता कि मैं और पूरी टीम कितनी निराश है। लेकिन हमें खुद को संभालना होगा, छुट्टियों पर जाना होगा और फिर नई शुरुआत करनी होगी। क्योंकि फुटबॉल किसी का इंतजार नहीं करता। हमें इस असफलता से सीख लेकर आगे बढ़ना होगा।"