शेयर बाजार में भूचाल, गिरावट पर एक्सपर्ट की बड़ी बात

Posted on: 2026-07-20


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सोमवार को गिरावट देखने को मिली। मध्यपूर्व में बढ़ते तनाव और वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता के चलते घरेलू बाजार दबाव में रहा। कारोबार खत्म होने तक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया और खासतौर पर वित्तीय क्षेत्र के शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। दिन के अंत में बीएसई सेंसेक्स 442.93 अंक यानी 0.57 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,708.52 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 95.80 अंक यानी 0.39 प्रतिशत टूटकर 24,238.50 के स्तर पर आ गया। बाजार में गिरावट का सबसे ज्यादा असर बैंकिंग और वित्तीय शेयरों पर देखने को मिला।
निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 2.27 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स 1.22 प्रतिशत नीचे बंद हुआ। इसके अलावा निफ्टी सर्विसेज, ऑटो, आईटी और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में भी दबाव देखने को मिला। निवेशकों ने वैश्विक घटनाक्रमों को देखते हुए जोखिम वाले शेयरों से दूरी बनाई। हालांकि, बाजार के व्यापक हिस्से में कुछ राहत देखने को मिली। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में खरीदारी जारी रही। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 373.70 अंक यानी 0.60 प्रतिशत की बढ़त के साथ 62,801.75 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 30.15 अंक यानी 0.16 प्रतिशत चढ़कर 19,326.45 पर पहुंच गया।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, मध्यपूर्व में जारी तनाव का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। कच्चे तेल के दाम 90 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने से महंगाई और ब्याज दरों को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर ने कहा कि बाजार ने सप्ताह की शुरुआत सावधानी के साथ की है। उन्होंने बताया कि भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ते वैश्विक दबाव के कारण निवेशकों का रुख सतर्क बना हुआ है। उनके अनुसार, आने वाले समय में केंद्रीय बैंक महंगाई को देखते हुए सख्त रुख बनाए रख सकते हैं।