अरुणाचल प्रदेश के म्यांमार से सटे एक दूर-दराज़ इलाके में विज्ञान के लिए एक नई प्रजाति मिली है। वनस्पति वैज्ञानिकों ने फूलों वाले पौधे की एक ऐसी प्रजाति खोजी है जो धरती पर कहीं और नहीं पाई जाती और इसका नाम इस इलाके में रहने वाली स्थानीय 'योबिन' जनजाति के नाम पर रखा है। इस नई प्रजाति, 'डिस्पोरम योबिनोरम' (Disporum yobinorum) की खोज बॉटनिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया (BSI) के शोधकर्ताओं ने चांगलांग ज़िले के विजयनगर के जंगलों में की है। इसके बारे में अंतरराष्ट्रीय जर्नल 'फाइटोटैक्सा' (Phytotaxa) के ताज़ा अंक में विस्तार से बताया गया है।
इस प्रजाति के बारे में बॉटनिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया (BSI), अरुणाचल प्रदेश क्षेत्रीय केंद्र, ईटानगर के विनय कुमार साहनी और कृष्णा चोलु ने जानकारी दी है। यह प्रजाति अभी तक सिर्फ़ एक ही जगह पर मिली है और अब तक इसके 40 से भी कम पौधे देखे गए हैं। इसलिए शोधकर्ताओं ने सुझाव दिया है कि जब तक और सर्वे नहीं हो जाते, तब तक IUCN के नियमों के तहत इस प्रजाति को 'डेटा डेफिशिएंट' (जानकारी की कमी वाली श्रेणी) में रखा जाए।
यह खोज विजयनगर से मिलने वाले अनोखे पौधों की बढ़ती सूची में एक और नाम जोड़ती है। विजयनगर भारत के उन वन क्षेत्रों में से एक है जहाँ इंसानी दखल बहुत कम रहा है। म्यांमार के काचिन राज्य की सीमा पर बसा यह इलाका अपनी भौगोलिक बनावट और पेड़-पौधों के मामले में चीन के युन्नान के जंगलों जैसा है, जिससे यह जैव-विविधता से भरपूर सीमा-पार के इलाके का हिस्सा बन जाता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि यह खोज एक और याद दिलाती है कि अरुणाचल प्रदेश के दूर-दराज़ सीमावर्ती जंगलों में विज्ञान के लिए अनजान प्रजातियाँ मौजूद हैं और विकास कार्यों के बढ़ने के साथ-साथ इनके सावधानीपूर्वक संरक्षण की ज़रूरत है।