बॉलीवुड में कई ऐसे कलाकार हैं जिन्होंने अपने करियर की शुरुआत किसी और सपने के साथ की, लेकिन वक्त के साथ उनकी पहचान एक अलग ही अंदाज में बन गई। ऐसे ही अभिनेता हैं निकितिन धीर, जिन्होंने फिल्मों में कदम तो हीरो बनने के इरादे से रखा था, लेकिन उनकी दमदार शख्सियत और भारी-भरकम स्क्रीन प्रेजेंस ने उन्हें हिंदी सिनेमा का एक यादगार खलनायक बना दिया। निकितिन धीर को दर्शकों ने कई फिल्मों में खतरनाक और प्रभावशाली विलेन के रूप में पसंद किया। खासकर उनकी नकारात्मक भूमिकाओं ने उन्हें अलग पहचान दिलाई। हालांकि, उनका शुरुआती सपना हीरो बनने का था और उन्होंने जॉन अब्राहम और अर्जुन रामपाल जैसे कलाकारों को देखकर अभिनय की दुनिया में आने का फैसला किया था।
हीरो बनने का सपना लेकर आए थे निकितिन धीर निकितिन धीर बचपन से ही फिल्मों और अभिनय की दुनिया से प्रभावित थे। वह बॉलीवुड में अपनी पहचान एक लीड हीरो के रूप में बनाना चाहते थे। उनका मानना था कि फिल्म इंडस्ट्री में नायक की भूमिका निभाकर दर्शकों के बीच जगह बनाई जा सकती है। इसी सोच के साथ उन्होंने फिल्मों में कदम रखा। लेकिन इंडस्ट्री में आने के बाद उन्हें ऐसे किरदार मिलने लगे, जिनमें उनका मजबूत व्यक्तित्व और आक्रामक अंदाज ज्यादा प्रभावी नजर आया।
जॉन अब्राहम और अर्जुन रामपाल से मिली प्रेरणा निकितिन धीर ने कई मौकों पर बताया है कि वह जॉन अब्राहम और अर्जुन रामपाल जैसे अभिनेताओं से प्रभावित थे। दोनों कलाकारों की फिटनेस, स्क्रीन प्रेजेंस और एक्शन छवि ने उन्हें काफी प्रेरित किया। वह भी एक्शन फिल्मों में बतौर हीरो अपनी जगह बनाना चाहते थे, लेकिन किस्मत ने उनके लिए एक अलग रास्ता चुना। 'चेन्नई एक्सप्रेस' के ठाकुर बने पहचान निकितिन धीर को सबसे ज्यादा लोकप्रियता फिल्म 'चेन्नई एक्सप्रेस' में ठाकुर के किरदार से मिली। इस फिल्म में उन्होंने खलनायक की भूमिका निभाई थी।