भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि सामने आई है। नेशनल रिकॉर्ड होल्डर हाई जंप खिलाड़ी सर्वेश कुशारे ने कॉमनवेल्थ गेम्स में इतिहास रचते हुए पुरुषों की हाई जंप स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीत लिया है। वह इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में पुरुषों की हाई जंप इवेंट में रजत पदक हासिल करने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। उनकी इस उपलब्धि ने भारतीय ट्रैक एंड फील्ड इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।
31 वर्षीय सर्वेश कुशारे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 2.25 मीटर की ऊंचाई पार की और दूसरा स्थान हासिल किया। इस मुकाबले में जमैका के रोमेन बेकफोर्ड ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया और गोल्ड मेडल अपने नाम किया। दोनों खिलाड़ियों ने 2.25 मीटर की ऊंचाई पार की, लेकिन आगे की चुनौती में जमैका के खिलाड़ी को विजेता घोषित किया गया। फाइनल मुकाबले में शुरुआत से ही कड़ा मुकाबला देखने को मिला। हाई जंप जैसी तकनीकी स्पर्धा में खिलाड़ियों को केवल ताकत ही नहीं, बल्कि सही समय, संतुलन और मानसिक मजबूती की भी जरूरत होती है। सर्वेश कुशारे ने दबाव भरे माहौल में अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया और एक के बाद एक ऊंचाइयों को पार करते हुए पदक की दौड़ में खुद को मजबूत बनाए रखा।
जब मुकाबला 2.28 मीटर की ऊंचाई तक पहुंचा, तो दोनों ही खिलाड़ी इस चुनौती को पार नहीं कर सके। नियमों के अनुसार टाई की स्थिति में पहले के प्रयासों और फाउल की संख्या के आधार पर विजेता का फैसला किया जाता है। इसी प्रक्रिया के तहत रोमेन बेकफोर्ड को स्वर्ण पदक और सर्वेश कुशारे को रजत पदक प्रदान किया गया। सर्वेश कुशारे की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि भारत का प्रदर्शन हाई जंप जैसी स्पर्धाओं में अब तक सीमित रहा है। कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर पुरुषों की हाई जंप में भारत को पहली बार रजत पदक दिलाकर कुशारे ने देश के युवा खिलाड़ियों के लिए नई प्रेरणा पेश की है।