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बलरामपुर, 19 अगस्त। बलरामपुर जिले में खनन गतिविधियां बंद होने के बाद प्रभावित ग्रामीणों की आजीविका और रोजगार के अवसरों को लेकर जिलास्तरीय सलाहकार समिति की बैठक आज बुधवार को आयोजित की गई। बैठक में खनन प्रभावित लोगों के लिए वैकल्पिक आजीविका के साधन उपलब्ध कराने और इसके लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया गया।
जिलास्तरीय सलाहकार समिति (माइन क्लाेजर एडवाइजरी कमेटी) की बैठक कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी की अध्यक्षता में हुई। इसमें एसईसीएल भटगांव क्षेत्र को आवंटित कोयला ब्लॉक चौरा और परसवारकला में खनन बंद किए जाने से संबंधित कार्ययोजना पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि खनन गतिविधियां बंद होने के बाद संबंधित गांवों में रहने वाले प्रभावित परिवारों की आजीविका पर असर न पड़े। इसके लिए रोजगार और आय के वैकल्पिक साधन विकसित करने की जरूरत पर समिति के सदस्यों ने अपने सुझाव रखे।
बैठक में कलेक्टर ने ग्राम पंचायत चौरा और परसवारकला के सरपंच एवं सचिवों को अपने-अपने गांव में बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। इन बैठकों के माध्यम से खनन बंद होने से प्रभावित लोगों की पहचान कर उनकी जरूरत और आजीविका के मौजूदा साधनों की जानकारी जुटाई जाएगी।
इसके आधार पर प्रभावित परिवारों के लिए विस्तृत आजीविका कार्ययोजना तैयार की जाएगी। तैयार योजना को आगामी समिति की बैठक में प्रस्तुत कर आवश्यक अनुमोदन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
बैठक में अपर कलेक्टर आर.एस. लाल, संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं सचिव तथा समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।