रायपुर में अवैध वसूली के आरोप में ट्रेनी SI निलंबित

Posted on: 2026-08-25


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रायपुर ग्रामीण पुलिस के अंतर्गत आने वाले राखी थाने में पदस्थ प्रोविजनल उप निरीक्षक महेश कुमार ओगरे के खिलाफ अवैध वसूली की शिकायत पर कड़ी कार्रवाई की गई है। जांच के दौरान शिकायत प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद एसपी रायपुर ग्रामीण श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय पुलिस लाइन रायपुर ग्रामीण निर्धारित किया गया है। पुलिस विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार प्रोविजनल उप निरीक्षक महेश कुमार ओगरे राखी थाने में दर्ज अपराध क्रमांक 10/2026 की विवेचना कर रहे थे। इसी मामले की जांच के दौरान उनके खिलाफ संबंधित पक्ष पर जबरन दबाव बनाकर रुपये ऐंठने और अवैध वसूली करने की शिकायत पुलिस अधिकारियों को मिली थी।

शिकायत की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग ने मामले की प्रारंभिक जांच कराई। जांच में शिकायतकर्ता के आरोपों और उपलब्ध तथ्यों का परीक्षण किया गया। प्रारंभिक जांच में प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि उप निरीक्षक का आचरण पुलिस विभाग की निष्पक्ष और पारदर्शी कार्यप्रणाली के अनुरूप नहीं था। उन पर विवेचना के दौरान अपने पद और अधिकारों का अनुचित उपयोग करने का आरोप है। विभाग ने इस तरह के व्यवहार को गंभीर कदाचरण की श्रेणी में माना है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार किसी भी आपराधिक मामले की विवेचना निष्पक्षता और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार की जानी चाहिए। विवेचना अधिकारी द्वारा किसी पक्ष पर अनुचित दबाव बनाना या उससे पैसे मांगना पुलिस सेवा के नियमों और अनुशासन के विरुद्ध है।

प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद मामले की जानकारी एसपी रायपुर ग्रामीण श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा को दी गई। उन्होंने उपलब्ध तथ्यों और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए प्रोविजनल उप निरीक्षक महेश कुमार ओगरे के निलंबन का आदेश जारी किया। निलंबन की अवधि में उन्हें पुलिस लाइन रायपुर ग्रामीण में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि मामले में आगे विभागीय प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी। विस्तृत जांच में शिकायत से जुड़े सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा सकते हैं। इसके साथ ही कथित वसूली से

संबंधित साक्ष्यों, बातचीत और अन्य दस्तावेजों की जांच की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई निर्धारित होगी। पुलिस विभाग की इस कार्रवाई को अनुशासन और निष्पक्षता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अपने पद का दुरुपयोग करने और पुलिस की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। शिकायत पर तत्काल प्रारंभिक जांच और निलंबन की कार्रवाई से यह संदेश देने का प्रयास किया गया है कि पुलिस विभाग में भ्रष्ट आचरण को स्वीकार नहीं किया जाएगा।