भारतीय स्पेसटेक स्टार्टअप GalaxEye ने मंगलवार को बताया कि उसे अपने OptoSAR इमेजिंग सिस्टम की मुख्य तकनीक के लिए अमेरिकी पेटेंट मिला है। यह सिस्टम Optical और Synthetic Aperture Radar (SAR) सेंसर को एक साथ जोड़कर पृथ्वी की सतह से जुड़े डेटा को बेहतर तरीके से कैप्चर करता है।
ऑप्टिकल और SAR सेंसर को एक साथ सिंक्रोनाइज करता है सिस्टम
कंपनी के अनुसार, पेटेंट उस आर्किटेक्चर और सिस्टम को कवर करता है, जिसका इस्तेमाल Optical और Microwave सेंसर को सिंक्रोनाइज करने के लिए किया जाता है। इससे दोनों सेंसर एक ही समय पर और एक-दूसरे से स्थान और समय के हिसाब से मेल खाते हुए डेटा जुटा सकते हैं।
GalaxEye ने बताया कि इसी मूल तकनीक का पेटेंट भारत में पहले ही मिल चुका है। अमेरिका में पेटेंट मिलने से कंपनी की Intellectual Property (IP) स्थिति और मजबूत हुई है।
कंपनी अगले पांच वर्षों में 30 सैटेलाइट की planned constellation तैयार करने की दिशा में काम कर रही है। GalaxEye के अनुसार, उसके पास भारत और विदेशों में ग्राहकों से जुड़ी व्यावसायिक संभावनाएं बढ़ रही हैं। इस नेटवर्क का इस्तेमाल रक्षा, सरकारी और वाणिज्यिक क्षेत्रों में किया जा सकता है।
इनमें कृषि, इंफ्रास्ट्रक्चर, बीमा, समुद्री निगरानी और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
Earth Observation में पुरानी चुनौती का समाधान
Earth Observation के क्षेत्र में Optical और SAR सेंसर आमतौर पर अलग-अलग काम करते हैं या बाद में Post-processing के जरिए उनके डेटा को जोड़ा जाता है।
अलग-अलग समय, Viewing Angle या अलग प्लेटफॉर्म से डेटा लेने पर समय का अंतर और स्थान से जुड़ा मिसमैच पैदा हो सकता है। GalaxEye की patented architecture दोनों sensing technologies को सिस्टम स्तर पर सिंक्रोनाइज करने के लिए डिजाइन की गई है।
इससे Optical imaging की visual और spectral information को SAR की दिन-रात और हर मौसम में काम करने की क्षमता के साथ जोड़ा जा सकता है।
‘भारत से निकला है यह आविष्कार’
GalaxEye के संस्थापक और CEO Suyash Singh ने कहा कि यह आविष्कार भारत में विकसित हुआ है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी पेटेंट यह साबित करता है कि भारतीय deep-tech कंपनियां वैश्विक स्तर पर अलग पहचान रखने वाली तकनीक विकसित कर सकती हैं।
Mission Drishti से जुड़ी तकनीक
यह तकनीक GalaxEye के Mission Drishti से भी जुड़ी है, जिसे मई की शुरुआत में लॉन्च किया गया था। कंपनी के अनुसार, Drishti दुनिया का पहला OptoSAR imaging satellite था, जिसमें एक ही satellite platform पर multispectral imaging और SAR को जोड़ा गया था।
लगभग 190 किलोग्राम वजनी Drishti लॉन्च के समय भारत का सबसे बड़ा privately built Earth observation satellite भी था।
StarOps का अधिग्रहण
GalaxEye ने अगस्त में बेंगलुरु स्थित spacecraft engineering कंपनी StarOps के अधिग्रहण की भी घोषणा की थी। इसका उद्देश्य कंपनी की in-house spacecraft engineering और systems capabilities को मजबूत करना है।
अब कंपनी next-generation satellites, imaging payloads, data processing और AI-driven intelligence capabilities के जरिए अपने OptoSAR platform को आगे बढ़ाने की योजना बना रही है।