पहाड़ी कोरवा बसाहटों में गांव तक पहुंची स्वास्थ्य-पोषण सुविधाएं

Posted on: 2026-09-21


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बलरामपुर, 21 सितंबर  बलरामपुर जिले की दूरस्थ पहाड़ी कोरवा बसाहटों में स्वास्थ्य और पोषण सुविधाएं अब गांव की दहलीज तक पहुंच रही हैं। सेवा संकल्प अभियान के तहत आज सोमवार को शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की इसी कड़ी में प्रधानमंत्री जनमन योजना के बहुउद्देशीय केंद्र विशेष पिछड़ी जनजाति (पीवीटीजी) परिवारों के लिए स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य जांच, उपचार और पोषण सेवाओं का माध्यम बन रहे हैं।

कुछ समय पहले तक दुर्गम बसाहटों में रहने वाले पहाड़ी कोरवा परिवारों को सामान्य उपचार, स्वास्थ्य जांच और बच्चों के पोषण से जुड़ी सेवाओं के लिए दूर जाना पड़ता था। ऐसे में समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिलना चुनौतीपूर्ण होता था। इस समस्या को दूर करने के उद्देश्य से आदिम जाति विकास विभाग द्वारा प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत बहुउद्देशीय केंद्रों का निर्माण कराया जा रहा है। इन केंद्रों में एक ही परिसर में उप स्वास्थ्य केंद्र, आंगनबाड़ी केंद्र और सामुदायिक गतिविधियों से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

जिले में प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत कुल 09 बहुउद्देशीय केंद्र भवन स्वीकृत हैं। इनमें से 02 केंद्रों का निर्माण पूरा हो चुका है और वहां सेवाएं शुरू कर दी गई हैं।

कुसमी विकासखंड के ढोढ़ाचॉपी में 183 से अधिक ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवा

विकासखंड कुसमी की ग्राम पंचायत चम्पानगर (भुलसीखुर्द) के अंतर्गत पहाड़ी कोरवा बसाहट ढोढ़ाचॉपी (कोरवापारा) में विशेष पिछड़ी जनजाति के 75 लोग निवासरत हैं। यहां बहुउद्देशीय केंद्र शुरू होने के बाद ग्रामीणों को गांव में ही उप स्वास्थ्य केंद्र और आंगनबाड़ी की सुविधा मिल रही है। उप स्वास्थ्य केंद्र के माध्यम से अब तक 183 से अधिक ग्रामीण स्वास्थ्य जांच और उपचार का लाभ ले चुके हैं। वहीं आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से 11 बच्चों और माताओं को नियमित रूप से पोषण आहार सहित अन्य सेवाएं मिल रही हैं।

आमाकोना में भी ग्रामीणों को मिल रही स्थानीय सुविधा

इसी तरह विकासखंड शंकरगढ़ की ग्राम पंचायत पोंड़ीखुर्द की पहाड़ी कोरवा बसाहट आमाकोना में 86 पीवीटीजी हितग्राही निवासरत हैं। यहां बहुउद्देशीय केंद्र के शुरू होने से ग्रामीणों को स्वास्थ्य और आंगनबाड़ी सेवाओं के लिए दूर जाने की जरूरत नहीं पड़ रही है। उप स्वास्थ्य केंद्र के माध्यम से अब तक 39 हितग्राहियों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जबकि 06 हितग्राही नियमित रूप से आंगनबाड़ी सेवाओं का लाभ ले रहे हैं।

दूरस्थ बसाहटों में शुरू हुए ये बहुउद्देशीय केंद्र पहाड़ी कोरवा परिवारों को स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य और पोषण जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से इन समुदायों तक सरकारी सेवाओं की पहुंच बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।