कलेक्टर ने 'स्व-गणना' को जन-अभियान बनाने दिए निर्देश

Posted on: 2026-04-27


hamabani image

जगदलपुर, 27 अप्रैल । बस्तर जिले को जनगणना 2026 के कार्यों में अग्रणी बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर आकाश छिकारा द्वारा एक व्यापक कार्ययोजना लागू की गई है। जिले में स्व-गणना की प्रगति को बढ़ाने के लिए उन्होंने प्रशासन के सभी स्तरों पर सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इस अभियान की सफलता के लिए उन्होंने सबसे पहले सरकारी तंत्र को ही आधार बनाया है, जिसके तहत जिले के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वयं की गणना पोर्टल पर दर्ज कर एक आदर्श उदाहरण पेश करने के लिए प्रेरित किया गया है।

कलेक्टर ने कहा है कि, जब प्रशासनिक अमला खुद इस प्रक्रिया का हिस्सा बनेगा, तो आम जनता के बीच इसके प्रति विश्वास और स्पष्टता बढ़ेगी। इसी कड़ी में मैदानी स्तर पर काम करने वाले जनगणना प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया है। कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि सभी प्रगणक सबसे पहले अपनी स्व-गणना स्वयं पूर्ण करें, ताकि उन्हें इस तकनीकी प्रक्रिया की बारीकियों का व्यावहारिक ज्ञान हो सके। जब प्रगणक इस विषय पर पूरी तरह स्पष्ट होंगे, तभी वे आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान कर पाएंगे।

इस डिजिटल मुहिम में युवाओं की ऊर्जा को जोड़ने के लिए जिले के सभी कॉलेजों और हायर सेकेंडरी स्कूलों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। विद्यार्थियों को स्व-गणना के प्रति जागरूक कर उन्हें इस अभियान का दूत बनाया जा रहा है, ताकि वे तकनीक से दूर रहने वाले वर्गों की सहायता कर सकें। कलेक्टर ने अभियान के विस्तार के लिए केवल सरकारी कार्यालयों तक सीमित न रहकर बैंकों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों में भी जागरूकता शिविर लगाने के निर्देश दिए हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए ग्राम स्तर के कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जो ग्रामीणों के बीच जाकर उन्हें पोर्टल के उपयोग की जानकारी देंगे। जनगणना कार्यालय द्वारा इस बात पर विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है कि डेटा की प्रविष्टि में कोई विसंगति न हो। इसके लिए 'एक परिवार, एक मुखिया' के सिद्धांत का पालन सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे यह स्पष्ट रहे कि परिवार की जानकारी केवल एक ही जिम्मेदार व्यक्ति द्वारा दर्ज की जाए। कलेक्टर आकाश छिकारा की इस पहल का मुख्य उद्देश्य बस्तर के प्रत्येक नागरिक को इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में डिजिटल रूप से सहभागी बनाना है, जिससे जनगणना के आंकड़े पूरी तरह सटीक और त्रुटिहीन प्राप्त हो सकें।