अंबिकापुर, 28 अप्रैल। उत्तर छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ली है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश ने लू के प्रकोप से राहत दी है, हालांकि आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है।
सोमवार दोपहर बाद सरगुजा संभाग के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल गया। तेज हवाओं के साथ बादल छा गए और कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को भी संभाग के विभिन्न इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। बीते दिनों लू के कारण अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया था। सोमवार को भी तापमान 41.2 डिग्री दर्ज किया गया, जिससे जनजीवन प्रभावित रहा। लेकिन दोपहर बाद मौसम बदलने से लोगों को कुछ राहत मिली।
लू पर ब्रेक, बारिश और वज्रपात का अलर्ट
मौसम में बदलाव के चलते राजस्थान से आ रही गर्म हवाओं पर रोक लगी है। मंगलवार को दिनभर बादल छाए रहने और कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान है। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है। इसी बीच सोमवार शाम सरगुजा जिले के बतौली क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने से 16 मवेशियों की मौत हो गई, जिनमें 2 बैल और 14 बकरियां शामिल हैं।
आने वाले दिनों में उतार-चढ़ाव जारी
मौसम विभाग के अनुसार अगले एक सप्ताह तक मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। मौसम विज्ञानी ए.एम. भट्ठ ने बताया कि, पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत से राजस्थान तक द्रोणिका के रूप में सक्रिय है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश से छत्तीसगढ़ होते हुए बंगाल और महाराष्ट्र से तेलंगाना तक अलग-अलग द्रोणिकाएं बनी हुई हैं। मध्यप्रदेश और विदर्भ क्षेत्र में चक्रवाती परिसंचरण के कारण बंगाल की खाड़ी से नमी आ रही है, जिससे बादल बन रहे हैं।
दो दिन बाद फिर बढ़ेगी गर्मी
विशेषज्ञों के अनुसार अगले दो दिनों तक राहत रहने के बाद फिर से लू का असर बढ़ सकता है और तापमान में तेजी से वृद्धि हो सकती है। हालांकि नए सिस्टम के सक्रिय होने पर फिर मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा।