मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र के ढगवार में 225 करोड़ रुपए लागत से बन रहे दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र का काम जुलाई तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं। मिल्क प्लांट के औचक निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य की धीमी गति पर कड़ी नाराजग़ी जताई और मौके पर मौजूद अधिकारियों को जुलाई तक हर हाल में काम पूरा करने को कहा। गौर हो कि ढगवार स्थित अत्याधुनिक प्रोसेसिंग मिल्क प्लांट में बुधवार को उस समय प्रशासनिक अमले में हडक़ंप मच गया, जब मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अचानक निर्माणाधीन मिल्क प्लांट का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार और कथित लापरवाही सामने आने पर मुख्यमंत्री ने कड़ी नाराजग़ी जाहिर की और मौके पर ही काम रुकवा दिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकारी परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा गुणवत्ता से कोई
उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति, गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के पालन को लेकर अधिकारियों से जवाब-तलब भी किया। उन्होंने चेतावनी दी कि विकास कार्यों में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को गुणवत्ता से समझौता न करने और निर्माण कार्य को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने को कहा। मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया कि ढगवार मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट हिमाचल प्रदेश के दुग्ध क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगा। संयंत्र की प्रारंभिक क्षमता 1.50 लाख लीटर दूध प्रतिदिन होगी, जिसे बाद में बढ़ाकर तीन लाख लीटर प्रतिदिन किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों से बड़े स्तर पर दूध एकत्र कर यहां प्रसंस्करण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस आधुनिक संयंत्र में दूध से दही, पनीर, घी और आइसक्रीम जैसे मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार किए जाएंगे, जिससे प्रदेश के पशुपालकों और दुग्ध उत्पादकों को सीधा लाभ मिलेगा। किसानों से सीधे दूध खरीद की व्यवस्था उनकी आर्थिकी मजबूत करेगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।