रायपुर
। खैरागढ़
स्थित मनोहर गौशाला के गौ आधारित अनुसंधान एवं प्राकृतिक कृषि संबंधी कार्यों को
अंतरराष्ट्रीय शोध मंच तक पहुंच मिली है। गौ विज्ञान, प्राकृतिक कृषि और भारतीय पारंपरिक
ज्ञान पर आधारित पुस्तक “गाय एक अनुसंधान” अब ResearchGate� पर उपलब्ध है। इससे गौ
आधारित अध्ययन एवं प्राकृतिक खेती से जुड़े कार्य वैश्विक शोध समुदाय तक पहुंच
सकेंगे।
डॉ.
अखिल जैन ने बताया कि गौ सेवा केवल आस्था का विषय ही नहीं, बल्कि कृषि, पर्यावरण, स्वास्थ्य और ग्रामीण
आत्मनिर्भरता से जुड़े अध्ययन एवं प्रयोगों का भी एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है। इसी
उद्देश्य से गौ आधारित उत्पादों, जैविक खेती और प्राकृतिक कृषि पर लंबे समय से कार्य एवं प्रयोग किए जा रहे
हैं।
उन्होंने
बताया कि गौशाला द्वारा “फसल अमृत”, “मनोहर ऑर्गेनिक गोल्ड”, गोबर आधारित
उत्पादों तथा प्राकृतिक कृषि प्रशिक्षण जैसे प्रयासों के माध्यम से किसानों और
समाज को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
पुस्तक के
रिसर्चगेट पर उपलब्ध होने को खैरागढ़ और छत्तीसगढ़ के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि माना
जा रहा है। इसे गौ विज्ञान एवं भारतीय ज्ञान परंपरा को व्यापक शोध समुदाय तक
पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है।