रायपुर
। प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी द्वारा रासायनिक उर्वरकों के उपयोग को कम कर जैविक और प्राकृतिक खेती
अपनाने की अपील का खैरागढ़ स्थित मनोहर गौशाला ने स्वागत किया है। गौशाला प्रबंधन
ने इसे पर्यावरण संरक्षण, किसानों
की आय और मानव स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण पहल बताया है।
मनोहर
गौशाला के प्रबंध ट्रस्टी अखिल जैन ने कहा कि संस्था पिछले करीब 15 वर्षों से गौ आधारित
प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने
बताया कि गौमूत्र और पारंपरिक भारतीय कृषि ज्ञान पर आधारित “फसल अमृत” तथा गोबर से
तैयार “ऑर्गेनिक गोल्ड” जैसे उत्पाद किसानों के बीच लोकप्रिय हो रहे हैं और उन्हें
प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
उन्होंने
कहा कि गौशाला द्वारा किसानों को प्राकृतिक कृषि का प्रशिक्षण देने के साथ-साथ गौ
आधारित उत्पादों का निःशुल्क वितरण और जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। संस्था
का उद्देश्य किसानों को रसायनमुक्त खेती की ओर प्रेरित करना और भूमि की उर्वरा
शक्ति को संरक्षित रखना है।
अखिल जैन ने
कहा कि प्रधानमंत्री का यह संदेश केवल खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण, मानव स्वास्थ्य और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित
भविष्य से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने विश्वास जताया कि इससे देशभर में जैविक और
प्राकृतिक खेती को नई दिशा और गति मिलेगी।
उन्होंने
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत की पारंपरिक
गौ आधारित कृषि व्यवस्था भविष्य में टिकाऊ और स्वस्थ खेती का मजबूत आधार बन सकती
है।