सर्विसेज पीएमआई जून में घटकर 57.4 पर रहा, फिर भी मजबूत विस्तार जारी

Posted on: 2026-07-03


hamabani image

भारत के सर्विसेज सेक्टर ने जून 2026 में मजबूती दिखाई, हालांकि गति थोड़ी धीमी हुई। एचएसबीसी इंडिया सर्विसेज पीएमआई या ‘सेवा क्रय प्रबंधक सूचकांक’ यानी Purchasing Managers Index जून में 57.4 पर रहा, जो मई के 59.8 से कम है। यह आंकड़ा पिछले 17 महीनों का सबसे निचला स्तर है, लेकिन 50 के ऊपर रहने से सेक्टर में विस्तार जारी है।

एचएसबीसी द्वारा जारी पीएमआई डेटा के अनुसार, पीएमआई में गिरावट की मुख्य वजह चुनौतीपूर्ण बाजार स्थितियां और घरेलू मांग में नरमी रही। इससे बिक्री और आउटपुट की वृद्धि दर कम हो गई।

सकारात्मक पहलू

इसके बावजूद, नए निर्यात ऑर्डर में जून में पिछले तीन महीनों में सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गई। विदेशी मांग मजबूत बनी रही, जिससे निर्यात-उन्मुख सेवाओं को लाभ मिला।

नए निर्यात ऑर्डर में तीन महीने की सबसे तेज वृद्धि

एचएसबीसी की मुख्य भारत अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने कहा, “भारत का सर्विसेज पीएमआई विस्तार वाले दायरे में बना हुआ है, लेकिन जून में यह घटकर 57.4 पर आ गया, जो पिछले 17 महीनों में सबसे कम है। बाजार की मुश्किल स्थितियां और खासकर घरेलू मांग में कमजोरी दिख रही है। हालांकि, विदेशी मांग अच्छी बनी रही और विदेशी बिक्री तीन महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई।”

कंपोजिट पीएमआई भी घटा

सर्विसेज के अलावा मैन्युफैक्चरिंग को मिलाकर कंपोजिट पीएमआई जून में 57.1 पर रहा, जो मई के 59.3 से कम है। कंपनियों ने कॉम्पिटिटिव प्राइसिंग, ई-कॉमर्स की बढ़ती मांग, अधिक बुकिंग और लोकल टूरिज्म को ग्रोथ का कारण बताया। वहीं, कई क्षेत्रों में बाजार की कठिनाइयों और ग्राहकों की कम दिलचस्पी के चलते बिक्री प्रभावित हुई।

मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव कम होने से इनपुट कॉस्ट और आउटपुट चार्ज में महंगाई घटी, जिससे कीमतों पर दबाव भी कम हुआ। हालांकि, कुल मिलाकर बिक्री मात्रा, नौकरियों के सृजन और कीमतों में वृद्धि की गति धीमी रही।

सर्विसेज सेक्टर अभी भी मजबूत विस्तार की राह पर है, लेकिन घरेलू मांग में नरमी एक चिंता का विषय है। निर्यात में आई तेजी से उम्मीद बंधी है कि विदेशी मांग सेक्टर को आगे बढ़ाएगी।