छत्तीसगढ़ में अब तक सामान्य से 29 प्रतिशत कम बारिश

Posted on: 2026-07-15


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छत्तीसगढ़ में आज आसमान में मुख्य रूप से बादल छाए रहेंगे और कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के कारण राज्य में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो रहा है। अब तक प्रदेश में वर्षा सामान्य से 29 प्रतिशत कम दर्ज की गई है। छत्तीसगढ़ में 1 जून से 15 जुलाई के बीच सामान्यतया औसतन 320 मिलीमीटर से 350 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज की जाती है। मानसून की सक्रियता के अनुसार यह आंकड़ा हर वर्ष थोड़ा भिन्न हो सकता है।

छत्तीसगढ़ में आज 15 जुलाई 2026 की स्थिति में मानसून की रफ्तार थोड़ी सुस्त होने के कारण अब तक औसत से करीब 26 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, राज्य में कुछ दिन पहले तक 252.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई थी, लेकिन हाल के दिनों में मानसून की गतिविधि धीमी होने से यह अंतर बढ़ गया है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में मानसून सबसे ज्यादा मेहरबान रहा है, जहां सामान्य 265.7 मिमी के मुकाबले 462.5 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है।सक्ती जिले में 1 जून से अब तक औसतन 326.2 मिमी बारिश हुई है, जिसमें चंद्रपुर क्षेत्र में सबसे अधिक 476.4 मिमी पानी बरसा है।प्रदेश के कुल जिलों में से लगभग 16 जिले ऐसे हैं जो अब भी बारिश की भारी कमी से जूझ रहे हैं।

मौसम विभाग ने 15 और 16 जुलाई को प्रदेश के कई जिलों में मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। कुछ इलाकों में भारी बारिश और बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है, जबकि रायपुर में बादल छाए रहने के आसार हैं। 16 जुलाई को भी प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहने और बारिश होने की संभावना है।प्रदेश में एक दो स्थानों पर गरज चमक के साथ वज्रपात होने तथा भारी वर्षा होने की संभावना है। वर्षा का क्षेत्र मुख्यतः उत्तर छत्तीसगढ़ रहने की संभावना है।

प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम शुष्क हुआ, लेकिन मौसम विभाग ने 15 जुलाई से मानसूनी एक्टिविटी बढ़ने की संभावना जताई है। .राजधानी में सुबह से आसमान में काले बादल छाए हुए हैं। हल्की बूंदाबांदी से मौसम सुहावना बना हुआ है। सुबह के वक्त बारिश को लेकर यलो अलर्ट भी जारी किया गया है।

प्रदेश में मंगलवार को कहीं भी बारिश नहीं हुई। मौसम पूरी तरह शुष्क रहा। इसके कारण बिलासपुर में सबसे ज्यादा तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस और राजनांदगांव के साथ पेंड्रा रोड में सबसे कम न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

मौसम विभाग के अनुसार मानसून द्रोणिका माध्य समुद्र तल पर जम्मू, देहरादून, बाराबंकी, पटना, बंकुरा, कनिंग और उसके बाद दक्षिण पूर्व की ओर पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी तक स्थित है। एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण उत्तर बंगाल की खाड़ी और उससे लगे दक्षिण बांग्लादेश के ऊपर स्थित है तथा यह 7.6 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है।अगले 24 घंटे में इसके प्रभाव से एक निम्न दाब का क्षेत्र उत्तर बंगाल की खाड़ी और उससे लगे पश्चिम बांग्लादेश तट के ऊपर बनने की संभावना है।