छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की राशन दुकानों में मसालों की बिक्री का मामला गूंजा। बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने आरोप लगाया कि बिलासपुर जिले के बेलतरा विधानसभा क्षेत्र की राशन दुकानों में प्रशासनिक संरक्षण में एक एनजीओ के जरिए दबावपूर्वक मसाले बेचे जा रहे हैं। इस मुद्दे पर खाद्य मंत्री दयालदास बघेल संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
प्रश्नकाल के दौरान विधायक ने पूछा कि पीडीएस दुकानों में किन-किन वस्तुओं का वितरण किया जाता है। मंत्री ने जवाब में चावल, शक्कर, चना समेत अन्य निर्धारित खाद्य सामग्री का उल्लेख किया। इसके बाद विधायक ने सदन में दावा किया कि बेलतरा की राशन दुकानों में सरकारी योजना से अलग मसालों की बिक्री कराई जा रही है और इसके दस्तावेजी प्रमाण भी उनके पास मौजूद हैं।
सुशांत शुक्ला ने कहा कि यदि अनुमति मिले तो वह संबंधित दस्तावेज सदन की पटल पर रखने को तैयार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि खाद्य विभाग के अधिकारियों के संरक्षण में यह काम कराया जा रहा है और मंत्री से पूरे मामले की जांच कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
मंत्री की ओर से तत्काल स्पष्ट जवाब नहीं दिए जाने पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि सरकार इस मामले की जांच कराएगी और रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इसी दौरान विधायक ने आरोप लगाया कि सरकार सदन से वास्तविक जानकारी छिपा रही है। उन्होंने कहा कि जनवरी 2025 से मार्च 2026 के बीच बेलतरा विधानसभा की राशन दुकानों में बचत स्टॉक के सत्यापन, पाई गई गड़बड़ियों और दोषियों पर की गई कार्रवाई की पूरी जानकारी सदन के सामने रखी जानी चाहिए।