Meta के पूर्व इंजीनियरिंग निदेशक आर्टुरो बेजार ने बुधवार को एक अहम अमेरिकी मुकदमे में आरोप लगाया कि कंपनी की संस्कृति में बच्चों की सुरक्षा की तुलना में विकास और यूजर एंगेजमेंट को अधिक प्राथमिकता दी गई।
बेजार 29 अमेरिकी राज्यों की ओर से दायर मुकदमे में राज्यों के पहले गवाह हैं। राज्यों का आरोप है कि Meta ने Facebook और Instagram को इस तरह डिजाइन किया कि युवा यूजर्स प्लेटफॉर्म से जुड़े रहें, जिससे चिंता, अवसाद और आत्महत्या जैसे जोखिम बढ़ सकते हैं। राज्यों ने 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का व्यक्तिगत डेटा कथित तौर पर अनुचित तरीके से एकत्र करने का भी आरोप लगाया है।
बेजार ने कहा कि CEO मार्क जुकरबर्ग कंपनी के कई महत्वपूर्ण फैसलों में करीबी तौर पर शामिल रहते थे। उनके अनुसार, जब जुकरबर्ग किसी मुद्दे को प्राथमिकता देते थे तो कंपनी में तेजी से बदलाव किए जाते थे।
उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने Meta नेतृत्व के सामने युवा यूजर्स की सुरक्षा को लेकर अपनी चिंताएं उठाई थीं। बेजार ने कंपनी पर यूजर एंगेजमेंट और मुनाफे को सुरक्षा से ऊपर रखने का आरोप लगाया।
मामले की सुनवाई कैलिफोर्निया की संघीय अदालत में चल रही है और इसके करीब छह सप्ताह तक चलने की उम्मीद है। जज यवोन गोंजालेज रोजर्स यह तय करेंगी कि Meta कानूनी रूप से जिम्मेदार है या नहीं और यदि है तो कंपनी पर क्या नागरिक दंड लगाया जाए तथा Facebook और Instagram में किन बदलावों की आवश्यकता होगी।
Meta को बच्चों और किशोरों पर सोशल मीडिया के कथित प्रभाव से जुड़े हजारों मुकदमों का सामना करना पड़ रहा है। न्यू मैक्सिको के एक मामले में कंपनी पर 94.2 करोड़ डॉलर का हर्जाना और जुर्माना लगाया जा चुका है।