एनएसएसएच योजना से एससी-एसटी उद्यमियों को मिल रही नई उड़ान, बिजनेस एक्सेलेरेटर प्रोग्राम बना विकास का माध्यम

Posted on: 2026-07-04


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सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय की राष्ट्रीय अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति हब (एनएसएसएच) योजना अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना के तहत संचालित बिजनेस एक्सेलेरेटर प्रोग्राम (बीएपी) संरचित मार्गदर्शन, उद्योग संबंधी जानकारी और लक्षित व्यावसायिक सहयोग के जरिए उद्यमियों को अपने कारोबार का विस्तार करने, प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने और सरकारी खरीद सहित बड़े बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद कर रहा है।

बाजार, वित्त और तकनीक से जुड़ी चुनौतियों को दूर करने पर फोकस

एनएसएसएच योजना का उद्देश्य अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों के सामने मौजूद बाजार, वित्त, प्रौद्योगिकी, क्षमता और संस्थागत नेटवर्क जैसी बाधाओं को दूर करना है। इसके माध्यम से उद्यमों की प्रतिस्पर्धात्मकता और स्थिरता बढ़ाने के साथ-साथ सार्वजनिक निविदाओं में उनकी भागीदारी को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे इन उद्यमियों को मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जुड़ने और दीर्घकालिक विकास के नए अवसर मिल रहे हैं।

क्षमता निर्माण के जरिए मजबूत हो रहे उद्यमी

योजना के तहत क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के माध्यम से उद्यमियों को वित्तीय प्रबंधन, सरकारी निविदाओं में भागीदारी, मूल्य निर्धारण रणनीति और नियामकीय प्रक्रियाओं की जानकारी दी जा रही है। इससे वे संगठित और अनुपालन आधारित बाजारों में अधिक आत्मविश्वास के साथ प्रतिस्पर्धा कर पा रहे हैं और उनके व्यवसाय की स्थिरता भी मजबूत हो रही है।

बिजनेस एक्सेलेरेटर प्रोग्राम से मिल रहा रणनीतिक सहयोग

बिजनेस एक्सेलेरेटर प्रोग्राम (बीएपी) उद्यमियों को व्यावसायिक रणनीति, मूल्य निर्धारण, परिचालन दक्षता और बाजार विस्तार से जुड़ी चुनौतियों से निपटने में सहयोग दे रहा है। इस कार्यक्रम के जरिए कई उद्यमियों ने पारंपरिक कार्यशैली से आगे बढ़कर डेटा आधारित रणनीतियां अपनाई हैं, जिससे उन्हें सरकारी खरीद सहित बड़े व्यावसायिक अवसरों तक पहुंच बनाने में सफलता मिली है।

पश्चिम बंगाल की कंपनी को मिला सरकारी टेंडर

पश्चिम बंगाल की मेसर्स सेफ्टी एंड सिक्योरिटी इंजीनियरिंग के संस्थापक देबासिस मंडल को बीएपी के माध्यम से मूल्य निर्धारण और लागत प्रबंधन की बेहतर समझ मिली। इसके बाद कंपनी ने सरकारी खरीद में सफल भागीदारी करते हुए पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड से 8.48 लाख रुपए का टेंडर हासिल किया।

असम की कंपनी ने मजबूत की बाजार में पकड़

असम की मेसर्स रेनेर्जी सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड ने बीएपी के जरिए अपने संचालन को अधिक पेशेवर और बाजार केंद्रित बनाया। इससे सरकारी खरीद प्लेटफॉर्म पर कंपनी की भागीदारी बढ़ी और सौर ऊर्जा परियोजनाओं से जुड़े अवसरों का अधिक प्रभावी ढंग से लाभ उठाने की क्षमता विकसित हुई।

महाराष्ट्र के उद्यमी को एसएआईएल से मिला ऑर्डर

महाराष्ट्र के नासिक स्थित सावलराम एंटरप्राइजेज के संस्थापक सुनील पोपटराव जगताप ने आईआईएम शिलांग के बीएपी में भाग लेने के बाद व्यावसायिक रणनीति और सरकारी निविदाओं की बेहतर समझ विकसित की। इसके बाद कंपनी ने स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (एसएआईएल) से हाइड्रोलिक सिलेंडर की आपूर्ति के लिए 5.10 लाख रुपए की निविदा हासिल की, जिससे कारोबार के विस्तार को नई गति मिली।

समावेशी विकास को मिल रही नई दिशा

एमएसएमई मंत्रालय का मानना है कि राष्ट्रीय अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति हब योजना केवल व्यक्तिगत उद्यमों को सशक्त नहीं बना रही, बल्कि समावेशी आर्थिक विकास को भी नई दिशा दे रही है। क्षमता निर्माण, मार्गदर्शन और रणनीतिक सहयोग के माध्यम से यह योजना अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों को विकसित भारत-2047 के लक्ष्य में प्रभावी भागीदारी के लिए तैयार कर रही है।