आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल के बीच BlackRock के चेयरमैन और CEO लैरी फिंक ने कहा है कि AI के विकास के सामने सबसे बड़ी चुनौती अब एडवांस कंप्यूटर चिप नहीं, बल्कि बिजली की उपलब्धता है।
एक इंटरव्यू में लैरी फिंक ने कहा कि AI के विस्तार से कंप्यूटिंग पावर की मांग तेजी से बढ़ रही है और इससे अमेरिका के पुराने बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर की कमजोरियां सामने आ रही हैं।
फिंक के अनुसार, अमेरिका के पास ऊर्जा संसाधनों की कमी नहीं है, खासकर प्राकृतिक गैस के रूप में पर्याप्त क्षमता मौजूद है, लेकिन बिजली को सही तरीके से पहुंचाने के लिए जरूरी ट्रांसमिशन सिस्टम कमजोर है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका को अपने बिजली ग्रिड को मजबूत और आधुनिक बनाने के लिए सैकड़ों अरब डॉलर के निवेश की जरूरत होगी। अगर ऐसा नहीं किया गया तो AI के क्षेत्र में आगे बढ़ना मुश्किल हो सकता है।
लैरी फिंक ने कहा कि AI को चलाने के लिए बड़े स्तर पर बिजली की जरूरत होती है। उनके मुताबिक, AI केवल कंप्यूटर तकनीक नहीं है, बल्कि इसे चलाने के लिए लगातार ऊर्जा और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर चाहिए।
उन्होंने बताया कि इस समय AI कंप्यूटिंग क्षमता की मांग सप्लाई से ज्यादा है, जिससे एडवांस चिप्स के साथ बिजली और अन्य जरूरी संसाधनों की कमी भी एक बड़ी चुनौती बन गई है।
फिंक ने चिंता जताई कि अगर AI से जुड़े खर्च कम नहीं हुए तो छोटे संगठन, अस्पताल और स्थानीय प्रशासन जैसी संस्थाएं इस तकनीक का पूरा फायदा नहीं उठा पाएंगी।
उन्होंने कहा कि AI को सभी तक पहुंचाना जरूरी है, ताकि अस्पताल, छोटे व्यवसाय, परिवहन व्यवस्था और स्थानीय सरकारें भी आधुनिक AI तकनीक का इस्तेमाल कर सकें।
AI में भारी निवेश के कारण बाजार में बुलबुले की आशंकाओं को लेकर फिंक ने कहा कि मौजूदा स्थिति ज्यादा मांग और कम सप्लाई की वजह से बनी है।
अर्थव्यवस्था पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था ने हाल के भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद मजबूती दिखाई है। ऊर्जा उत्पादन, सप्लाई चेन में बदलाव और तकनीकी विकास ने कई चुनौतियों को कम करने में मदद की है।
उन्होंने कहा कि भविष्य की आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए लगातार विकास, निजी निवेश और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान देना जरूरी होगा।